भारत ने नाटो चीफ की चेतावनी को नकारा, कहा- ‘डबल स्टैंडर्ड नहीं अपनाएं’

नाटो चीफ की चेतावनी और भारत का जवाब

भारत ने रूस से तेल और गैस आयात पर नाटो चीफ की चेतावनी को खारिज किया

भारत ने रूस से तेल और गैस आयात करने वाले देशों पर नाटो चीफ मार्क रूट की दी गई चेतावनी को खारिज कर दिया है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए किसी एक देश पर निर्भर नहीं है और वह कई देशों से ऊर्जा आयात करता है। इस मामले में भारत ने स्पष्ट रूप से पश्चिमी देशों से दोहरे मापदंड को न अपनाने की चेतावनी दी है।

नाटो चीफ की चेतावनी और भारत का जवाब

गुरुवार को नाटो के प्रमुख मार्क रूट ने रूस से व्यापार करने वाले देशों पर 100% सेकेंडरी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। उनका कहना था कि यदि रूस शांति समझौते पर सहमति नहीं जताता, तो उन देशों को गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे जो रूस से तेल और गैस खरीदते रहेंगे। इस पर भारत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि उसकी प्राथमिकता अपने नागरिकों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करना है, जो मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और बाजार पर निर्भर करता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हमने इस पर रिपोर्ट देखी हैं और हम घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बाजार में उपलब्ध संसाधनों से निर्देशित होता है। हम दोहरे मापदंड को लेकर खास तौर पर आगाह करते हैं।”

भारत की ऊर्जा नीति पर जोर

भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को एक इंटरव्यू में कहा कि भारत रूस से जितना तेल और गैस खरीदता है, यूरोप के देश उससे कई गुना अधिक मात्रा में खरीदते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपने ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न देशों से आयात करता है और किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहता।

पुरी ने कहा, “हमारी ऊर्जा आपूर्ति की रणनीति इस बात पर आधारित है कि हम अपने देशों की ऊर्जा जरूरतों को सबसे सुरक्षित तरीके से पूरा करें।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत इस समय किसी भी विपरीत परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है।

पश्चिमी देशों के दोहरे मापदंड पर प्रतिक्रिया

रणधीर जायसवाल की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद यह साफ हो गया है कि भारत को पश्चिमी देशों द्वारा अपनाए जा रहे दोहरे मापदंड पर आपत्ति है। भारत ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह किसी बाहरी दबाव के तहत अपने ऊर्जा आयात के फैसले नहीं बदलेगा।

ट्रंप की चेतावनी और नाटो चीफ का बयान

इस सप्ताह के शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी रूस से तेल खरीदने वाले देशों को चेतावनी दी थी। ट्रंप का कहना था कि यदि रूस ने शांति समझौते पर सहमति नहीं दी तो इन देशों को 100% तक सेकेंडरी टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है।

नाटो के प्रमुख मार्क रूट का बयान

नाटो के प्रमुख मार्क रूट ने बुधवार को भारत, चीन और ब्राजील को एक कड़ी चेतावनी दी थी। उनका कहना था कि यदि इन देशों ने रूस से व्यापार जारी रखा और शांति समझौते में विफलता पाई, तो उन्हें गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे।

नाटो चीफ का भारत, चीन और ब्राजील को संदेश

मार्क रूट ने रूस के मुख्य व्यापारिक साझेदारों- भारत, ब्राजील और चीन – को चेतावनी दी कि यदि वे रूस से व्यापार करना जारी रखते हैं, तो उन्हें 100 प्रतिशत सेकेंडरी सैंक्शन का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा, “यदि आप चीन के राष्ट्रपति हैं, भारत के प्रधानमंत्री हैं, या ब्राजील के राष्ट्रपति हैं, और आप रूस से व्यापार करते हैं, तो आपको पता है कि यदि पुतिन शांति वार्ता में गंभीर नहीं होते, तो आपको 100 प्रतिशत सेकेंडरी टैरिफ का सामना करना होगा।”

निष्कर्ष

भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने के लिए किसी भी अंतर्राष्ट्रीय दबाव से प्रभावित नहीं होगा। नाटो चीफ की चेतावनी के बावजूद, भारत का रुख अपने घरेलू हितों की रक्षा करने के पक्ष में है। इस मामले में भारत ने पश्चिमी देशों से दोहरे मापदंड को न अपनाने की भी अपील की है।

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